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हदीसे वेसायत

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हदीसे वसीयत से भ्रमित न हों।
हदीसे वेसायत
विषयइमाम अली (अ) की ख़िलाफ़त और उत्तराधिकार
किस से नक़्ल हुईपैग़म्बर (स)
मुख्य वक्ताबुरैदा बिन हसीब
कथावाचकसलमान फ़ारसी, अबू अय्यूब अंसारी, अनस बिन मालिक
शिया स्रोतमन ला यहज़ोरोहुल फ़क़ीह, दलाएलुल इमामा, मनाक़िबे इब्ने शहर आशोब
सुन्नी स्रोतफ़ज़ाएलुल सहाबा इब्ने हंबल, मनाक़िबे इब्ने मग़ाज़ली
प्रसिद्ध हदीसें
हदीस सिलसिला अल ज़हब • हदीस सक़लैन • हदीसे किसा • मक़बूला ए उमर बिन हंज़ला • हदीसे क़ुर्बे नवाफ़िल • हदीसे मेराज • हदीसे वेलायत • हदीसे वेसायत

हदीसे वेसायत (अरबी: حديث الوصاية) इस्लाम के पैग़म्बर (स) की एक हदीस है जिसमें इमाम अली (अ) को पैग़म्बर के उत्तराधिकारी के रूप में वर्णित किया गया है। इस हदीस के मत्न को शिया और सुन्नी हदीसी स्रोतों में अलग-अलग शब्दों में व्यक्त किया गया है। हदीस لِكُلِّ نَبِيٍّ وَصِيٌّ وَ وَارِثٌ وَ إِنَّ عَلِيّاً وَصِيِّي وَ وَارِثِي (लेकुल्ले नबीइन वसीयुन व वारेसुन व इन्ना अलियन वसीई व वारेसी) सबसे प्रसिद्ध वर्णन में से एक है, जिसे बुरीदा बिन हसीब ने पैग़म्बर (स) से वर्णन किया है।

हदीस का मत्न

عنه صلی الله عليه و آله : لِكُلِّ نَبِيٍّ وَصِيٌّ وَ وَارِثٌ وَ إِنَّ عَلِيّاً وَصِيِّي وَ وَارِثِي
अनहो सल्लल्लाहो अलैहे व आलेह:लेकुल्ले नबीइन वसीयुन व वारेसुन व इन्ना अलियन वसीई व वारेसी



अनुवादः पैग़म्बर (स) ने फ़रमाया: हर नबी के लिए एक उत्तराधिकारी और वारिस होता है। मेरा उत्तराधिकारी और वारिस अली बिन अबी तालिब हैं।[१]

हदीसी स्रोतों में हदीसे वेसायत

शियो के पहले इमाम
इमाम अली अलैहिस सलाम
जीवन
मौलूदे काबा • यौम उद-दार • शेबे अबी तालिब • लैलातुल मबीत • मदीना की ओर प्रवास • फ़ातिमा(से) की शादी • ख़ैबर की विजय • मुबाहेला • ग़दीर की घटना • सक़ीफ़ा बनी साएदा • फ़ातिमा (स) की शहादत • छह-सदस्यीय परिषद • इमाम अली (अ) का शासनकाल • इमाम अली की शहादत • इमाम अली के जीवन की समयरेखा
उपनाम
अमीरुल मोमिनीन • वलीयुल्लाह • असदुल्लाह • सिद्दीक़ • क़सीमुन नार वल जन्नत • अबूतालिब • यासूब अल दीन • हैदर • कु़ुर्आन ए नातिक़ • फ़ारूक़ • साहेबुल लेवा • शाहे मरदान • साक़ी ए कौसर • सालेह अल मोमिनीन • ख़ासिफ़ अल नअल
विरासत
इमाम अली का मुस्हफ़ • फ़ातिमा का मुस्हफ़ • सीरह अलवी • नहज अल बलाग़ा • इमाम अली (अ) का दीवान • जफ़्र • दुआ नादे अली • ख़ुतबा शेक़शेक़िया • अलिफ़ के बिना ख़ुतबा • ख़ुतबा बग़ैर नुक़्ते के • हरम
फ़ज़ाइल
आय ए विलायत • आय ए लैलातुल मबीत • आयत ए तब्लीग़ • आय ए इकमाल • आय ए सादेक़ीन • आय ए ख़ैर अल बरिय्या • आय ए इंफ़ाक़ • आय ए नज्वा • आय ए वुद्द • मुबाहेला की आयत • आय ए ऊलिल अम्र • आय ए मवद्दत • आय ए अहलो अल ज़िक्र • आय ए नस्र • आय ए इंज़ार • आय ए उख़ूवत • आय ए इत्आम • आय ए शाहिद • सूर ए मायदा की आयत 56 • सूर ए तौबा की आयत 56 • आय ए इल्म अल किताब • हदीस मदीनतुल इल्म • हदीसे रायत • हदीसे वेसायत • हदीस मंज़ेलत • हदीसे यौम उद-दार • हदीस तैर मशवी • हदीसे वेलायत • ग़दीर का उपदेश • ला फ़ता इल्ला अली • हदीस शजरा • सलूनी क़बला अन तफ़क़ेदूनी • हदीसे तशबीह • हदीस अली मअल हक़ • अंगूठी का दान • बधाई की घटना • बुतों को तोड़ने की घटना
असहाब
अम्मार बिन यासिर • मालिके अश्तर • सलमान फ़ारसी • अबूज़र ग़फ़्फ़ारी • मिक़्दाद• अब्दुल्लाह बिन अबी राफ़े • हुज्र बिन अदी


हदीसे वेसायत का शिया और सुन्नी हदीसी स्रोतों जैसे कि: इब्ने हंबल की किताब फ़जाएलुल सहाबा,[२] मनाक़िब इब्ने मग़ाज़ली,[३] अल-मोजम अल-कबीर तबरानी,[४] तारीख़े मदीना दमिश्क़,[५] मनाक़िब ख़्वारज़मी,[६] अल-कामिल जुर्जानी,[७] तज़केरातुल ख़्वास,[८] केफ़ायतुल असर,[९] मन ला यहज़ोरोहुल फ़क़ीह,[१०] दलाएलुल इमामा,[११] मनाक़िब इब्ने शहर आशोब[१२] और बिहारुल अनवार[१३] में उल्लेख किया गया है। बुरैदा बिन हसीब ने पैग़म्बर के वाक्यांश لِكُلِّ نَبِيٍّ وَصِيٌّ وَ وَارِثٌ وَ إِنَّ عَلِيّاً وَصِيِّي وَ وَارِثِي को उद्धृत किया है।[१४] सलमान फ़ारसी ने पैग़म्बर (स) से उनसे उनके वसी और उत्तराधिकारी के बारे में प्रश्न किया तो पैग़म्बर ने उत्तर दिया: मेरा वसी और उत्तराधिकारी और जो मेरे कर्ज़ का भुगतान करेगा और मेरे वादों को निश्चित करेगा वह अली बिन अबी तालिब हैं।[१५][नोट १]

इसके अलावा, अली बिन अली हेलाली द्वारा वर्णित एक हदीस के आधार पर, पैग़म्बर ने फ़ातिमा (स) को संबोधित किया और कहा:

وَصِيِّي خَيْرُ الْأَوْصِيَاءِ وَ أَحَبُّهُمْ إِلَى اللَه وَ هُوَ بَعْلُكِ
वसीई ख़ैरुल औसिया व अहब्बाहुम एलल्लाह व हुवा बाअलोके



अनुवाद: मेरा अभिभावक (वसी) सबसे अच्छा वसी है और भगवान को सबसे प्रिय है, और वह तुम्हारा पति है।[१६]

मत्न

हदीसे वेसायत का मत्न इमाम अली (अ) के उत्तराधिकार और खिलाफ़त के बारे में है। शिया विद्वान इसे अली इब्ने अबी तालिब की इमामत के कारणों (दलीलों) में से एक मानते हैं; वे वेसायत को उत्तराधिकार के अर्थ में मानते हैं और उनका मानना है कि इस हदीस के आधार पर पैग़म्बर ने हज़रत अली (अ) के उत्तराधिकार का परिचय कराया है।[१७] लेकिन कुछ सुन्नी विद्वानों का कहना है कि इस हदीस में वेसायत का अर्थ ख़िलाफ़त नहीं है बल्कि पैग़म्बर ने अपने परिवार को अली (अ) को सौंपा है।[१८] उनकी प्रतिक्रिया के उत्तर में उन्होंने कहा कि पैग़म्बर (स) ने इमाम अली (अ) को पूर्ण रूप में अपना उत्तराधिकारी बनाया है, और इस दावे में उनके पास कोई कारण (दलील) नहीं है कि, केवल परिवार के मामलों में अली (अ) को उत्तराधिकारी बनाया है।[१९] हम्दी बिन अब्दुल मजीद सलफ़ी ने अल-मोजम अल-कबीर के शोध संस्करण में कहा है कि यदि इस हदीस के दस्तावेज़ प्रामाणिक हैं, तो यह खिलाफ़त और उत्तराधिकार के मुद्दे पर दलालत करती है।[२०]

दस्तावेज़

हदीस वेसायत शिया और सुन्नी दोनों स्रोतों में रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से वर्णित है। शिया स्रोतों में, यह हदीस इमाम अली (अ)[२१] द्वारा वर्णित है, इमाम रज़ा (अ) ने अपने पूर्वजों (अ) से ख़ुत्बा ए शाबानिया में उद्धृत किया है,[२२] अब्दुल्लाह इब्न अब्बास,[२३] ज़ैद इब्न अरक़म,[२४] इमाम सादिक (अ),[२५] इमाम काज़िम (अ),[२६] इमाम रज़ा (अ),[२७] और इमाम जवाद (अ)।[२८] इसे सुन्नी स्रोतों में सलमान फ़ारसी[२९] के माध्यम से भी वर्णित किया गया है। चार माध्यमों से[३०] उम्मे अयमान,[३१] बुरैदा,[३२] अनस इब्न मलिक,[३३] अबू राफ़ेअ,[३४] अबू अय्यूब अंसारी,[३५] अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास,[३६] ग़ालिब अल-जुहानी,[३७] अली अल-हेलाली,[३८] अबू सईद अल-खुदरी,[३९] और कई अन्य साथियों ने अलग-अलग व्याख्याओं के साथ। सिब्ते इब्न जौज़ी (तज़किरत अल-ख़्वास के लेखक) ने सलमान की कथा को दो संचरण श्रृंखलाओं के साथ सुनाया है। वह इब्ने हंबल के फ़ज़ाइल अल-सहाबा में वर्णित संचरण श्रृंखला को प्रामाणिक मानते हैं।[४०]

कुछ सुन्नी विद्वान जैसे इब्ने जौज़ी,[४१] जलालुद्दीन स्यूती[४२] और हैसमी[४३] ने इसकी प्रामाणिकता पर संदेह किया है और इस हदीस के दस्तावेज़ की श्रृंखला में मुहम्मद बिन हमीद राज़ी या अली बिन मुजाहिद के शामिल होने के कारण इस पर संदेह किया है और स्वीकार नहीं किया है। जबकि सय्यद अली मिलानी के अनुसार, मुहम्मद बिन हमीद सेहाहे सित्ता के कथाकारों (रावियों) में से एक थे, और यहया बिन मोईन सहित कुछ विद्वानों ने उनकी पुष्टि की है।[४४] यह भी कहा गया है कि तिर्मिज़ी, अहले सुन्नत के सेहाहे सित्ता मे से सुनने तिर्मिज़ी के लेखक और अहमद इब्ने हंबल ने अली इब्ने मुजाहिद से रिवायत वर्णित की है।[४५]

संबंधित लेख

नोट

  1. ↑ قلت یا رَسُولَ اللَه لِکُلِّ نَبِیٍّ وَصِیٌّ فَمَنْ وَصِیُّکَ؟ قال فإن وصیی وَ مَوْضِعُ سِرِّی وَ خَیْرُ من أَتْرُکُ بَعْدِی وَ یُنْجِزُ عِدَتِی وَ یَقْضِی دَیْنِی عَلِیُّ بن أبی‌طَالِبٍ.क़ुल्त या रसूलल्लाह ले कुल्ले नबीईन वसीयुन फ़मन वसीयोका? क़ाला फ़ा इन्ना वसीई व मौज़ेओ सिररी व ख़ैरुन मन अतरोका बादी व युनजेज़ो एदाती व यक़ज़ी दैनी अलियुबो अबी तालिब. (तबरानी, अल मोजम अल कबीर, 1405 हिजरी, खंड 6, पृष्ठ 221)

फ़ुटनोट

  1. ↑ इब्ने मग़ाज़ली, मनाक़िब अली बिन अबी तालिब, 1426 हिजरी, पृष्ठ 167; इब्ने असाकर, तारीख़े मदीना दमिश्क, 1415 हिजरी, खंड 42, पृष्ठ 392; ख़्वारज़मी, अल-मनाक़िब, 1414 हिजरी, पृष्ठ 85; जुर्जानी, अल-कामिल, 1409 हिजरी, खंड 4, पृष्ठ 14; इब्ने शहर आशोब, मनाक़िब, 1379 हिजरी, खंड 2, पृष्ठ 188, खंड 3, पृष्ठ 66; मजलिसी, बिहारुल अनवार, 1403 हिजरी, खंड 38, पृष्ठ 154-339।
  2. ↑ सब्ते इब्ने जौज़ी, तज़किरातुल ख़्वास, 1418 हिजरी, पृष्ठ 48।
  3. ↑ इब्ने मग़ाज़ली, मनाक़िब अली बिन अबी तालिब, 1426 हिजरी, पृष्ठ 167।
  4. ↑ तबरानी, अल-मेजम अल-कबीर, 1405 हिजरी, खंड 6, पृष्ठ 221।
  5. ↑ इब्ने असाकर, तारीख़े मदीना दमिश्क, 1415 एएच, खंड 42, पृष्ठ 392।
  6. ↑ ख़्वारज़मी, अल-मनाक़िब, 1414 हिजरी, पृष्ठ.85।
  7. ↑ जुर्जानी, अल-कामिल, 1409 हिजरी, खंड 4, पृष्ठ 14।
  8. ↑ सिब्ते बिन जौज़ी, तज़किरातुल ख़्वास, 1418 हिजरी, पृष्ठ 48।
  9. ↑ ख़ज़्ज़ाज़ राज़ी, केफ़ायतुल असर, 1401 हिजरी, पृष्ठ 80।
  10. ↑ सदूक़, मन ला यहज़रोहुल फ़क़ीह, 1413 हिजरी, खंड 4, पृष्ठ 180।
  11. ↑ तबरी आमोली, दलाएलुल इमामा, 1413 हिजरी, पृष्ठ 90।
  12. ↑ इब्ने शहर आशोब, मनाक़िब, 1379 हिजरी, खंड 2, पृष्ठ 188, खंड 3, पृष्ठ 66।
  13. ↑ मजलिसी, बिहारुल अनवार, 1403 हिजरी, खंड 38, पृष्ठ 154-339।
  14. ↑ इब्ने मग़ाज़ली, मनाक़िब अली बिन अबी तालिब, 1426 हिजरी, पृष्ठ 167; इब्ने असाकर, तारीख़े मदीना दमिश्क़, 1415 हिजरी, खंड 42, पृष्ठ 392; ख़्वारज़मी, अल-मनाक़िब, 1414 हिजरी, पृष्ठ 85; जुर्जानी, अल-कामिल, 1409 हिजरी, खंड 4, पृष्ठ 14; इब्ने शहर आशोब, मनाकिब, 1379 हिजरी, खंड 2, पृष्ठ 188, खंड 3, पृष्ठ 66; मजलिसी, बिहारुल अनवार, 1403 हिजरी, खंड 38, पृष्ठ 154-339।
  15. ↑ तबरानी, अल-मोजम अल-कबीर, 1405 हिजरी, खंड 6, पृष्ठ 221; मजलिसी, बिहारुल अनवार, 1403 हिजरी, खंड 38, पृष्ठ 12।
  16. ↑ हैसमी, मोजम अल-ज़्वाएद, 1408 हिजरी, खंड 9, पृष्ठ 165; तबरानी, अल-मोजम अल-औसत, 1415 हिजरी, खंड 6, पृष्ठ 327; इब्ने असाकर, तारीख़े मदीना दमिश्क़, खंड 42, 1415 हिजरी, पृष्ठ 130; तबरानी, अल-मोजम अल-कबीर, 1404 हिजरी, खंड 3, पृष्ठ 58।
  17. ↑ उदाहरण के लिए, देखें: अस्तराबादी, अल-बराहीन अल-क़ातेआ, 1382 शम्सी, खंड 3, पृष्ठ 244।
  18. ↑ तबरानी, अल-मोजम अल-कबीर, 1405 हिजरी, खंड 6, पृष्ठ 221।
  19. ↑ शिया डेटाबेस, हदीसे वेसायत का पाठ और इसकी दस्तावेज़ समीक्षा, संशोधन: 13 तीर, 1396।
  20. ↑ तबरानी, अल-मेजम अल-कबीर, खंड 6, पृष्ठ 221।
  21. ↑ तूसी, अल अमाली, 1414 हिजरी, पृष्ठ 200।
  22. ↑ सदूक़, उयून अख़्बार अल रज़ा (अ), 1404 हिजरी, खंड 1, पृष्ठ 267।
  23. ↑ सदूक़, अल अमाली, 1417 हिजरी, पृष्ठ 450।
  24. ↑ सदूक़, अल ख़ेसाल, 1403 हिजरी, खंड 2, पृष्ठ 415।
  25. ↑ सदूक़, एलल अल शराया, 1385 हिजरी, खंड 2, पृष्ठ 314, सफ़्फ़ार, बसाएर अल दरजात, 1404 हिजरी, पृष्ठ 187।
  26. ↑ कुलैनी, अल काफ़ी, 1363 शम्सी, खंड 1, पृष्ठ 282।
  27. ↑ कुलैनी, अल काफ़ी, 1363 शम्सी, खंड 1, पृष्ठ 437।
  28. ↑ कुलैनी, अल काफ़ी, 1363 शम्सी, खंड 1, पृष्ठ 525-526।
  29. ↑ तबरानी, अल मोजम अल कबीर, 1405 हिजरी खंड 6, पृष्ठ 221।
  30. ↑ ज़हबी, मीज़ान अल एतेदाल, फ़ी नक़्दे अल रेजाल, 1995 ईस्वी, खंड 6, पृष्ठ 445।
  31. ↑ इब्ने मुर्दवैह, मनाक़िबे अली बिन अबी तालिब (अ), वमा नज़ला मिनल क़ुरआन फ़ी अली (अ), 1424 हिजरी, पृष्ठ 101।
  32. ↑ इब्ने असाकर, तारीख़ मदीना दमिश्क़, 1415 हिजरी, खंड 42, पृष्ठ 392, ख़्वारज़मी, अल मनाक़िब, पृष्ठ 85, जुर्जानी, अल कामिल, 1409 हिजरी, खंड 4, पृष्ठ 14।
  33. ↑ इब्ने मुरदवैह, मनाक़िब अली बिन अबी तालिब (अ) वमा नज़ला मिनल क़ुरआन फ़ी अली (अ), 1424 हिजरी, पृष्ठ 59।
  34. ↑ इब्ने असाकर, तारीख़े मदीना दमिश्क़, 1415 हिजरी, खंड 42, पृष्ठ 50।
  35. ↑ इब्ने मगाज़ली, मनाक़िबे अली बिन अबी तालिब (अ), 1426 हिजरी, पृष्ठ 106।
  36. ↑ ख़तीब बग़दादी, तारीख़े बग़दाद, दारुल कुतुब अल इल्मिया, खंड 11, पृष्ठ 112।
  37. ↑ ख़्वारज़मी, अल मनाक़िब, 1414 हिजरी, पृष्ठ 304।
  38. ↑ तबरानी, अल मोजम अल औसत, 1415 हिजरी, खंड 6, पृष्ठ 327।
  39. ↑ इब्ने सब्बाग़ मालेकी, अल फ़ुसूल अल मोहिम्मा फ़ी मारेफ़त अल आइम्मा, 1422 हिजरी, खंड 2, पृष्ठ 1114।
  40. ↑ सिब्ते इब्ने जौज़ी, तज़किरा अल ख़्वास, 1418 हिजरी, पृष्ठ 48।
  41. ↑ इब्ने जौज़ी, अल-मौज़ूआत, 1386 हिजरी, खंड 1, पृष्ठ 376।
  42. ↑ स्यूती, अल-लाली अल-मसनूआ फ़ी अहादीस अल मौज़ूआ, दारूल मारेफ़ा, खंड 1, पृष्ठ 358, शिया डेटाबेस, हदीसे वेसायत का पाठ और इसकी दस्तावेज़ समीक्षा, संशोधन: 13 तीर, 1396।
  43. ↑ हैसमी, मोजम अल-ज़्वाएद, 1408 हिजरी, खंड 9, पृष्ठ 165।
  44. ↑ मिलानी, तशईद अल-मुराजेआत व तफ़्नीद अल मुकाबेरात, 1427 हिजरी, खंड 3, पृष्ठ 431-430।
  45. ↑ शिया डेटाबेस, हदीसे वेसायत का पाठ और इसकी दस्तावेज़ समीक्षा, संशोधन: 13 तीर, 1396।


स्रोत

  • इब्ने जौज़ी, अल-मोज़ूआत, शोध: अब्दुर्रहमान मुहम्मद उस्मान, मदीना, अल-मकतबा अल-सल्फ़िया, 1386 हिजरी/1966 ईस्वी।
  • इब्ने शहर आशोब, मुहम्मद बिन अली, मनाकिब आले अबी तालिब (अ). अल्लामा, क़ुम, 1379 हिजरी।
  • इब्ने असाकर, तारीख़े मदीना दमिश्क़, शोध: अली शीरी, दार अल-फ़िक्र, बैरूत, 1415 हिजरी।
  • इब्ने मग़ाज़ली, मनाक़िबे अली इब्ने अबी तालिब (अ), सिब्त अल-नबी प्रकाशन, 1426 हिजरी 1384 शम्सी।
  • अस्तराबादी, मुहम्मद जाफ़र, अल-बराहीन अल-क़ातेआ फ़ी शरहे तजरीद अल अक़ाएद अल सातेआ, , अनुसंधान: इस्लामिक अध्ययन और अनुसंधान केंद्र, क़ुम, स्कूल ऑफ़ इस्लामिक स्टडीज़, 1382 शम्सी।
  • जुर्जानी, अब्दुल्ला बिन अदि, अल-कामिल, शोध: यहया मुख्तार ग़ज़ावी, दार अल-फ़िक्र, बैरूत, 1409 हिजरी/1988 ईस्वी।
  • ख़ज़्ज़ाज़ राज़ी, अली बिन मुहम्मद, केफ़ायतुल असर फ़ी अल नस अला आइम्मा अल इस्ना अशर, अब्दुल लतीफ़ हुसैनी कोहकमरी द्वारा शोध, क़ुम, बीदार प्रकाशन, 1401 हिजरी।
  • ख्वारज़मी, मोफ़िक़, अल-मनाक़िब, शोध: मालिक महमूदी, अल-नशर अल-इस्लामी फाउंडेशन, 1414 हिजरी।
  • सिब्ते बिन जौज़ी, तज़किरातुल ख़्वास, क़ुम, अल-शरीफ़ अल-राज़ी का मैनिफेस्ट, 1418 हिजरी।
  • सदूक़, मुहम्मद बिन अली, मन ला यहज़रोहुल फ़कीह, अली अकबर ग़फ़्फ़ारी द्वारा सुधारा और शोध किया गया, क़ुम, इस्लामी प्रकाशन कार्यालय द्वारा क़ुम टीचर्स सोसाइटी से संबद्ध, 1413 हिजरी।
  • तबरानी, अल-मुजम अल-अवसत, शोध: छपाई और वितरण के लिए बदर अल-हरमीन, दार अल-हरमीन का शोध, 1415 एएच/1995 एडी।
  • तबरानी, अल-मेजम अल-कबीर (खंड 6), शोध: हम्दी अब्दुल मजीद सलफी, दारुल अहया अल-तोरास अल-अरबी, 1405 हिजरी/1985 ईस्वी।
  • तबरानी, अल-मोजम अल-कबीर (खंड 3), शोध: हम्दी अब्दुल मजीद सलाफी, दरहिया अल-तरथ अल-अरबी, 1404 हिजरी/1984 ईस्वी।
  • तबरी आमोली सग़ीर, मुहम्मद बिन जरीर बिन रुस्तम, दलाएलुल इमामा, क़ुम, बेसत प्रकाशन, पहला संस्करण, 1413 हिजरी।
  • हैसमी, मोजम अल-ज़्वाएद, बैरूत, दार अल-किताब अल-आलमिया, 1408 हिजरी/1988 ईस्वी।
  • मजलिसी, मुहम्मद बाक़िर, बिहार अल-अनवार, बैरूत, दारुल अहया अल-तोरस अल-अरबी, 1403 हिजरी।
  • मिलानी, सय्यद अली, तशईद अल-मुराजेआत व तफ़नीद अल मुकाबेरात, क़ुम, अल-हक़ाएक़ अल-इस्लामिया सेंटर, 1427 हिजरी।