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प्रारूप:नूह (अ) की आयु

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यह लेख नूह (अ) की आयु इन लेखो से संबंधित है।
चमत्कार और पूर्व-संकेत
चमत्कार/पूर्व-संकेत सम्बंधित व्यक्तित्व
चन्द्रमा का दो टुकड़ों में विभाजित होना हज़रत मुहम्मद (स)
क़ुरआन हज़रत मुहम्मद (स)
सूर्य का वापस लौटना हज़रत मुहम्मद (स)
पालने में ईसा (अ) का बात करना ईसा (अ)
मसीह की साँस ईसा (अ)
मूसा की लाठी मूसा (अ)
चमकता हुआ हाथ मूसा (अ)
मूसा से अल्लाह की बातचीत मूसा (अ)
सालेह की ऊँटनी सालेह (अ)
उड़ने वाली कालीन सुलैमान (अ)
जानवरों से बातचीत करना सुलैमान (अ)
चार पक्षियों को जीवित करना इब्राहीम (अ)
आग का ठंडी हो जाना इब्राहीम (अ)
मरियम का गर्भवती होना हज़रत मरियम
उज़ैर का जीवित किया जाना उज़ैर (अ)
नूह की दीर्घायु नूह (अ)

नूह (अ) की आयु, को हज़रत नूह (अ) की विशेषताओं और चमत्कारों में से माना गया है, जिसका उल्लेख क़ुरआन और रिवायतों में हुआ है।[१] नूह (अ) उलुल-अज़्म पैग़म्बरों में से थे,[२] जिनकी आयु बहुत लंबी थी; इसी कारण कुछ स्रोतों में उन्हें शैख़ुल-अम्बिया के नाम से याद किया गया है।[३]

स्रोतों में नूह (अ) के जीवन को तीन अवधियों «पैग़म्बरी से पहले», «पैग़म्बरी मिलने से लेकर तूफ़ान तक» और «तूफ़ान के बाद» में विभाजित किया गया है।[४] उनकी कुल आयु के संबंध में लगभग 15 मत उद्धृत किए गए हैं, जो 950 से लेकर 3000 वर्ष तक हैं।[५] कुछ रिवायतों में नूह (अ) की आयु 2500 वर्ष बताई गई है।[६] कुछ विद्वानों ने इसी मत को अधिक सही माना है।[७]

क़ुरआन की सूरह अनकबूत की आयत 14 में हज़रत नूह की दावत (तब्लीग़) की अवधि 950 वर्ष बताई गई है। यह अवधि पैग़म्बरी मिलने से लेकर नूह के तूफ़ान तक थी,[८] और इन वर्षों में वे अपनी जनजाति (क़ौम) को अल्लाह की ओर बुलाते रहे।[९] कुछ लोगों ने इस अवधि को पैग़म्बरों के बीच सबसे लंबी दावत (तब्लीग़) की अवधि माना है;[१०] इसलिए 950 वर्ष नूह (अ) के जीवन का केवल एक हिस्सा था।[११] अल्लामा तबातबाई (निधन: 1360 हिजरी शम्सी) ने भी 950 वर्ष को नूह (अ) की कुल आयु[१२] बताने वाली तौरात की रिपोर्ट को इस आयत के आशय के विपरीत माना है।[१३]

नूह (अ) की पैग़म्बरी से पहले और तूफ़ान के बाद उनके जीवन की अवधि के संबंध में स्रोतों में अलग-अलग विवरण मिलते हैं।[१४] पैग़म्बरी से पहले की अवधि के लिए 40[१५] से 850 वर्ष[१६] तक, और तूफ़ान के बाद की अवधि के लिए 60[१७] से 1200 वर्ष[१८] तक के विवरण मिलते हैं। हालांकि, कुछ लोगों ने नूह (अ) की लंबी आयु के संबंध में संदेह भी व्यक्त किया है।[१९]

कुछ स्रोतों में, नूह (अ) की लंबी आयु को इमाम महदी (अ.ज) की दीर्घायु की संभावना के प्रमाणों में से माना गया है,[२०] और इसे संदेह दूर करने तथा इसे आसानी से स्वीकार करने का एक कारण बताया गया है।[२१] धार्मिक विद्वानों जैसे सय्यद मुर्तज़ा (निधन: 436 हिजरी क़मरी),[२२] इब्ने मीसम बहरानी (निधन: 679 या 699 हिजरी क़मरी)[२३] और मुहम्मद बाक़िर सद्र (निधन: 1400 हिजरी क़मरी)[२४] ने इमाम महदी (अ.ज) की दीर्घायु के संबंध में नूह (अ) की आयु को प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया है।

फ़ुटनोट

  1. ↑ क़ुर्तुबी, अल जामेअ लि-अहकाम अल-क़ुरआन, खंड 13, पृष्ठ 332-333; अस्करी, अल-इमाम अल-महदी अल-मौऊद..., खंड 2, पृष्ठ 405-411।
  2. ↑ तबातबाई, अल-मिज़ान, खंड 16, पृष्ठ 278।
  3. ↑ सअलबी, क़िससुल-अम्बिया, पृष्ठ 56।
  4. ↑ कुलैनी, अल-काफ़ी, खंड 8, पृष्ठ 284; शेख़ सदूक़, अमाली, पृष्ठ 511।
  5. ↑ क़ुर्तुबी, अल जामेअ लि-अहकाम अल-क़ुरआन, खंड 13, पृष्ठ 332-333; अस्करी, अल-इमाम अल-महदी अल-मौऊद..., खंड 2, पृष्ठ 405-411; आल काशिफ़ुल-ग़िता, अस्लुश-शिया व उसूलोहा, पृष्ठ 150।
  6. ↑ कुलैनी, अल-काफ़ी, खंड 8, पृष्ठ 284; शेख़ सदूक़, कमालुद्दीन, खंड 2, पृष्ठ 523।
  7. ↑ मजलिसी, बिहारुल-अनवार, खंड 11, पृष्ठ 290; अस्करी, अल-इमाम अल-महदी अल-मौऊद..., खंड 2, पृष्ठ 410।
  8. ↑ तबातबाई, अल-मिज़ान, खंड 16, पृष्ठ 114।
  9. ↑ मज़ाहिरी, इमकान-ए तुल-ए उम्र ता बे-निहायत, पृष्ठ 158; क़तीफ़ी, मआलिम मयहदविय्या, पृष्ठ 147।
  10. ↑ सअलबी, क़िससुल-अम्बिया, पृष्ठ 56।
  11. ↑ मज़ाहिरी, इमकान-ए तुल-ए उम्र ता बे-निहायत, पृष्ठ 158-159; अस्करी, अल-इमाम अल-महदी अल-मौऊद..., खंड 2, पृष्ठ 410।
  12. ↑ किताब-ए मुक़द्दस, सफ़र-ए पैदाइश, बाब 9, आयत 29।
  13. ↑ तबातबाई, अल-मिज़ान, खंड 16, पृष्ठ 114।
  14. ↑ क़ुर्तुबी, अल जामेअ लि-अहकाम अल-क़ुरआन, खंड 13, पृष्ठ 332-333; अस्करी, अल-इमाम अल-महदी अल-मौऊद..., खंड 2, पृष्ठ 405-411।
  15. ↑ क़ुर्तुबी, अल जामेअ लि-अहकाम अल-क़ुरआन, खंड 13, पृष्ठ 332-333।
  16. ↑ शेख़ सदूक़, अमाली, पृष्ठ 511।
  17. ↑ क़ुर्तुबी, अल जामेअ लि-अहकाम अल-क़ुरआन, खंड 13, पृष्ठ 332-333।
  18. ↑ आल काशिफ़ुल-ग़िता, अस्लुश-शिया व उसूलोहा, पृष्ठ 150।
  19. ↑ तुर्काशवंद, «عمر نوح؛ بازخوانی درون‌دینی», वेबसाइट सदानत।
  20. ↑ मज़ाहिरी, इमकान-ए तुल-ए उम्र ता बे-निहायत, पृष्ठ 160; अस्करी, अल-इमाम अल-महदी अल-मौऊद..., खंड 2, पृष्ठ 411।
  21. ↑ सादिक़ी तेहरानी, अल-फ़ुरक़ान, खंड 23, पृष्ठ 34।
  22. ↑ सय्यद मुर्तज़ा, शरहे जुमल अल-इल्म वल-अमल, पृष्ठ 234।
  23. ↑ इब्ने मीसम, क़वाइदुल-मराम, पृष्ठ 191।
  24. ↑ सद्र, बह्स हौल अल-महदी (अ), पृष्ठ 30-31।

स्रोत

  • अस्करी, नज्मुद्दीन, अल-इमाम अल-महदी अल-मौऊद अल-मुंतज़र अलैहिस्सलाम इंद उलमाइ अहलिस्सुन्नति वल-इमामिय्या, नजफ़, पवित्र अलवी दरगाह, 1436 हिजरी।
  • आल काशिफ़ुल-ग़िता, मुहम्मद हुसैन, अस्लुश-शिया व उसूलोहा, बेरूत, दारुल-अज़वा प्रकाशन, पहला संस्करण, 1410 हिजरी।
  • इब्ने मीसम, मीसम बिन अली, क़वाइदुल-मराम फ़ी इल्मिल-कलाम, क़ुम, आयतुल्लाह अल-उज़्मा मरअशी नजफ़ी पुस्तकालय, 1406 हिजरी।
  • क़तीफ़ी, नज़ार आल सन्बल, मआलिम मयहदविय्या, नजफ़, इमाम महदी विशेष अध्ययन केंद्र, 1438 हिजरी।
  • क़ुर्तुबी, मुहम्मद बिन अहमद, अल जामेअ लि-अहकामिल-क़ुरआन, तेहरान, नासिर ख़ुसरो प्रकाशन, 1364 शम्सी।
  • कुलैनी, मुहम्मद बिन याक़ूब, अल-काफ़ी, तेहरान, दारुल-कुतुब अल-इस्लामिय्या प्रकाशन, 1363 शम्सी।
  • तबातबाई, सय्यद मुहम्मद हुसैन, अल-मिज़ान फ़ी तफ़्सीरिल-क़ुरआन, बेरूत, अल-आलमी प्रकाशन संस्था, 1393 हिजरी।
  • तुर्काशवंद, अमीर हुसैन, «عمر نوح؛ بازخوانی درون‌دینی», (नूह की आयु; अंतर्धार्मिक पुनर्पाठ) , सदानत वेबसाइट, लेख प्रकाशित होने की तारीख: 12 नवंबर 2019 ईस्वी, देखने की तारीख: 28 सितम्बर 2026 ईस्वी।
  • पवित्र पुस्तक: अहद-ए अतीक़ व अहद-ए जदीद, लंदन, दारुल सल्तनत प्रकाशन, 1925 ईस्वी।
  • मजलिसी, मुहम्मद बाक़िर, बिहारुल-अनवार: अल-जामिआ लिदुररि अख़बारिल-अइम्मतिल-अतहार, बेरूत, अरबी विरासत के पुनर्जीवन का प्रकाशन गृह, 1362 शम्सी।
  • मज़ाहिरी, मुहम्मद, इमकान-ए तुल-ए उम्र ता बे-निहायत, क़ुम, अरग़वान दानिश प्रकाशन, 1383 शम्सी।
  • शेख़ सदूक़, मुहम्मद बिन अली, अमाली, तेहरान, किताबची प्रकाशन, 1376 शम्सी।
  • शेख़ सदूक़, मुहम्मद बिन अली, कमालुद्दीन व तमाम अल नेअमत, शोध: अली अकबर ग़फ़्फ़ारी, तेहरान, दारुल-कुतुब अल-इस्लामिय्या प्रकाशन, 1354 शम्सी।
  • सअलबी, अहमद बिन मुहम्मद, क़िससुल-अम्बिया अल-मुसम्मा अराइसुल-मजालिस, बेरूत, दारुल-कुतुब अल-इल्मिय्या प्रकाशन, 1425 हिजरी।
  • सद्र, सय्यद मुहम्मद बाक़िर, बह्स हौल अल-महदी (अ), बेरूत, अल-ग़दीर इस्लामी अध्ययन केंद्र, 1417 हिजरी।
  • सय्यद मुर्तज़ा, अली बिन हुसैन, शरहे जुमल अल-इल्म वल-अमल, शोध: याक़ूब जाफ़री मराग़ी, तेहरान, दारुल-उसवा मुद्रण एवं प्रकाशन संस्था, 1419 हिजरी।
  • सादिक़ी तेहरानी, मुहम्मद, अल-फ़ुरक़ान फ़ी तफ़्सीरिल-क़ुरआन बिल-क़ुरआन वस्सुन्नह, बेरूत, फ़रहंग-ए इस्लामी प्रकाशन, 1406 हिजरी।