सामग्री पर जाएँ

प्रारूप:इमाम हुसैन (अ) का सर

wikishia से
मुहर्रम का शोक
تابلوی عصر عاشورا
अस्रे आशूर की पेंटिंग, महमूद फ़र्शचियान की पेंटिंग में से एक
घटनाएँ
कुफ़ियों द्वारा इमाम हुसैन (अ) को लिखे गए पत्र • बसरा के नामी लोगों को इमाम हुसैन (अ) का पत्र • आशूरा का दिन • कर्बला की घटना • इमाम हुसैन (अ) का आंदोलन • आशूरा की घटना का कैलेंडर • कर्बला के क़ैदी
लोग
इमाम हुसैन (अ) • अली अकबर • अली असग़र • अब्बास बिन अली • हज़रत ज़ैनब (स) • सकीना बिन्ते हुसैन (अ) • फ़ातिमा बिन्ते इमाम हुसैन • मुस्लिम बिन अक़ील • कर्बला के शहीद • कर्बला के क़ैदी
स्थान
इमाम हुसैन (अ) का रौज़ा • हज़रत अब्बास (अ) का रौज़ा • क़त्लगाह • बैनुल हरमैन • अलक़मा नदी
अवसर
ताऊस • आशूरा • दस मोहर्रम • अरबईन • सफ़र के महीने का अंतिम दशक
समारोह
मर्सिया (शोक-गीत) • नौहा • ताज़िया • रौज़ा • ज़ंजीर ज़नी • सीना ज़नी • सक़्क़ा ख़ाना • सिन्ज और दमाम • अज़ादारी के जुलूस • शामे गरीबा • तशत गुज़ारी • ताड़-प्रहार • क़मा ज़नी • अरबाईन वॉक • ताबूत उठाना • ताबूत
यह लेख हज़रत इमाम हुसैन (अ) के सर से संबंधित रिपोर्टों के बारे में है। इसे दफ़्न और उसके रखे जाने से संबंधित स्थानों की जानकारी के लिए मक़ाम-ए-रास उल हुसैन लेख देखें।

इमाम हुसैन (अ) का सर, कर्बला की घटना में शरीर से अलग किया गया और कूफ़ा तथा फिर शाम ले जाया गया। सर को अलग करने, उसे ले जाने और शहरों में घुमाने, उसके साथ बेअदबी करने, करामात के वर्णन और उसके दफ़्न के स्थान के बारे में मतभेद, इमाम हुसैन (अ) के सर से संबंधित विषय हैं, जिनकी रिपोर्ट ऐतिहासिक और रिवायती स्रोतों में मिलती है।

ऐतिहासिक रिपोर्टों के अनुसार, इमाम हुसैन (अ) की शहादत के बाद शिम्र बिन ज़िल जौशन या कुछ रिवायतों के अनुसार सिनान बिन अनस ने इमाम का सर शरीर से अलग किया और उमर बिन सअद ने उसे दूसरे शहीदों के सरों के साथ कूफ़ा भेजा। इब्ने ज़ियाद ने आदेश दिया कि सरों को कूफ़ा में घुमाया जाए और फिर शाम भेजा जाए। कूफ़ा से शाम के रास्ते में भी कुछ स्रोतों में सरों को भालों पर ले जाने और विभिन्न स्थानों पर ठहराने की रिपोर्ट मिलती है। ऐतिहासिक स्रोतों में इब्ने ज़ियाद और यज़ीद द्वारा इमाम हुसैन (अ) के सर के साथ बेअदबी किए जाने की भी रिपोर्टें मिलती हैं। कुछ शिया स्रोतों में इमाम के सर की करामात, जैसे क़ुरआन पढ़ना और उससे नूर दिखाई देना, भी वर्णित है। कुछ स्रोतों ने शहरों में सरों को घुमाने को उमवी शासन की ओर से लोगों में भय पैदा करने और विरोध को उभरने से रोकने के लिए एक राजनीतिक क़दम माना है।

विभिन्न शहरों और देशों में ऐसे स्थान बताए गए हैं जिन्हें इमाम हुसैन (अ) के सर के ठहरने, रखे जाने या दफ़्न होने का स्थान माना जाता है। इनमें से कुछ स्थान ज़ियारतगाह-ए-रासुल हुसैन के नाम से प्रसिद्ध हुए हैं। इन स्थानों में कर्बला को 61 हिजरी के अरबईन के अवसर पर इमाम के सर को उनके शरीर से मिलाए जाने के स्थान के रूप में अधिक प्रसिद्धि प्राप्त हुई है।

स्थान और महत्व

ऐतिहासिक और रिवायती स्रोतों में इमाम हुसैन (अ) के सर के बारे में कई रिपोर्टें मिलती हैं; इनमें सर को अलग करने का तरीक़ा,[१] उसे कूफ़ा और शाम ले जाना,[२] उसके साथ बेअदबी करना,[३] सर का क़ुरआन पढ़ना,[४] और उसके दफ़्न का स्थान शामिल हैं।[५]

कुछ ऐतिहासिक रिपोर्टों के अनुसार, अम्र बिन हमेक़ ख़ुज़ाई का सर, जिसे मुआविया के समय शरीर से अलग करके विभिन्न शहरों में घुमाया गया था,[६] उसके बाद इमाम हुसैन (अ) और उनके साथियों के सर पहले सर थे जिन्हें विभिन्न शहरों में घुमाया गया।[७]

शिया न्यायविद मुहम्मद महदी शम्सुद्दीन ने इमाम हुसैन और उनके साथियों के सर अलग करने को लोगों को डराने और उमवियों के विरुद्ध प्रतिरोध को पैदा होने से रोकने के लिए एक राजनीतिक क़दम माना है। उन्होंने इसे बनी उमय्या की बनी हाशिम से दुश्मनी और इमाम हुसैन (अ) की पवित्रता को समाप्त करने के प्रयास का संकेत माना है।[८]

इमाम हुसैन (अ) का सर किसने शरीर से अलग किया?

ऐतिहासिक रिपोर्टों के अनुसार, जब इमाम हुसैन (अ) का शरीर उमर बिन सअद की सेना के साथ युद्ध में घोड़े से ज़मीन पर गिरा, तो शिम्र बिन ज़िलजौशन कुछ सैनिकों के साथ उनकी ओर गया। उनमें सिनान बिन अनस और ख़ौली बिन यज़ीद भी थे। शिम्र ने उनसे काम पूरा करने को कहा,[९] लेकिन किसी ने ऐसा करने के लिए हामी नहीं भरी। फिर उसने ख़ौली को इमाम का सर अलग करने का आदेश दिया, लेकिन उसके हाथ और शरीर में कंपकंपी होने लगी और वह ऐसा नहीं कर सका। इसके बाद शिम्र[१०] और एक कथन के अनुसार सिनान[११] ने हुसैन (अ) का सर शरीर से अलग किया और उसे ख़ौली के हवाले कर दिया।[१२]

कुछ स्रोतों में इमाम हुसैन (अ) का सर पीछे की ओर से अलग करने की घटना शिम्र से संबंधित बताई गई है।[१३] शिया स्रोतों, जैसे बिहारुल अनवार,[१४] मक़तल-ए-सय्यद इब्ने ताऊस[१५] और अल-मनाक़िब इब्ने शहर आशूब[१६] में इमाम हुसैन (अ) का सर पीछे की ओर से अलग किए जाने का उल्लेख हज़रत ज़ैनब (अ) और इमाम सज्जाद (अ) के कथनों तथा ज़ियारत-ए-नाहिया मुक़द्दसा के एक अंश से भी किया गया है।[१७]

सर को कूफ़ा और शाम ले जाना

वह चट्टान, जिसके बारे में कुछ स्रोतों में बताया गया है कि इमाम हुसैन (अ) के सर का कई बूंद खून उस पर बहा था। बाद में उसी चट्टान पर मस्जिद अल नुक़्ता बनाई गई।

इमाम हुसैन (अ) का सर अलग किए जाने के बाद, उमर बिन सअद ने उसे ख़ौली और हुमैद बिन मुस्लिम को सौंपा, ताकि वे उसे उबैदुल्लाह बिन ज़ियाद के पास कूफ़ा ले जाएँ। ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार, जब ख़ौली कूफ़ा पहुँचा तो रात हो चुकी थी और दारुल इमारा का दरवाज़ा बंद था। इसलिए वह सर को अपने घर ले गया और सुबह महल में ले जाने के लिए उसे घर के तंदूर में रख दिया।[१८]

जब कर्बला के शहीदों के सर कूफ़ा पहुँचे, तो इब्ने ज़ियाद ने आदेश दिया कि शहीदों के सरों को भालों पर लगाया जाए और कूफ़ा में घुमाया जाए।[१९] इसके बाद ज़हर बिन क़ैस जअफ़ी शहीदों के सरों और कर्बला के क़ैदियों को यज़ीद के पास शाम ले गया।[२०]

ठहरने के स्थान

स्रोतों में तिकरीत, वादी-अन-नख़ला, मूसिल, नसीबीन, ऐनुलवर्दा, हम्स, हमात, अस्क़लान, बालाबक[२१] और हलब[२२] जैसे क्षेत्रों का उल्लेख सरों के ठहरने के स्थान या उन्हें ले जाने के मार्ग के रूप में किया गया है। इनमें से कुछ स्थान बाद में ज़ियारत के स्थान बन गए और मक़ामात-ए-रअसुल हुसैन के नाम से प्रसिद्ध हुए।[२३] इनमें मशहद अन-नुक़्ता,[२४] उमवी मस्जिद,[२५] मस्जिद हन्नाना,[२६] अस्क़लान[२७] और मिस्र शामिल हैं।[२८]

इमाम हुसैन (अ) के सर के साथ बेअदबी

ऐतिहासिक स्रोतों में इब्ने ज़ियाद और यज़ीद द्वारा इमाम हुसैन (अ) के सर के साथ बेअदबी किए जाने की रिपोर्टें मिलती हैं। इन रिपोर्टों के अनुसार, इब्ने ज़ियाद ने कूफ़ा के दारुल-इमारा में छड़ी से इमाम के दाँतों[२९] और सर पर प्रहार किया[३०] तथा उनकी दाढ़ी के रंग में बदलाव की ओर संकेत किया।[३१] उसने यह आदेश भी दिया कि इमाम हुसैन (अ) और अन्य शहीदों के सरों को भालों पर लगाया जाए और कूफ़ा में घुमाया जाए।[३२]

फ़ज़्ल बिन शाज़ान से इमाम रज़ा (अ) की एक रिवायत में आया है कि यज़ीद ने इमाम हुसैन (अ) के सर की मौजूदगी में फ़ुक़्क़ा नामक जौ के पेय का सेवन और शतरंज खेला तथा इमाम हुसैन (अ), इमाम अली (अ) और पैग़म्बर इस्लाम (स) का अपमान किया। फिर बचे हुए पेय को सर के पास रखे बर्तन के किनारे डाल दिया[३३] और बाँस की छड़ी से इमाम के दाँतों पर प्रहार किया।[३४] कुछ रिपोर्टों में यह भी आया है कि यज़ीद के आदेश पर इमाम हुसैन (अ) का सर उसके महल के प्रवेश द्वार पर लटका दिया गया था[३५] और शहीदों के सर तीन दिनों तक दमिश्क़ में सूली पर लटके रहे।[३६]

इमाम हुसैन (अ) के सर की करामात

कुछ स्रोतों में इमाम हुसैन (अ) के सर की करामात के बारे में वर्णन मिलता है। शेख़ मुफ़ीद के अनुसार, जब इब्ने ज़ियाद के आदेश पर इमाम हुसैन (अ) का सर कूफ़ा में घुमाया जा रहा था, ज़ैद बिन अरक़म ने सुना कि इमाम हुसैन (अ) का सर सूर ए कहफ़ की आयत 9 की तिलावत कर रहा था।[३७] इसी तरह तबरी आमुली ने बताया है कि हारिस बिन वकीदा, जो सर ले जाने वालों में से एक था, ने उसके क़ुरआन पढ़ने की आवाज़ सुनी और इमाम ने उससे बात भी की।[३८]

मक़्तल-ए ख़्वारज़मी में अबू मिख़नफ़ के हवाले से आया है कि जब ख़ौली इमाम हुसैन (अ) का सर घर ले गया और उसे छिपा दिया, तो उसकी पत्नी ने प्रकाश का एक स्तंभ देखा, जो इमाम के सर से आसमान की ओर जा रहा था और उसके चारों ओर पक्षी उड़ रहे थे।[३९] अल-ख़राइज वल-जरा'इह में भी आया है कि इब्ने ज़ियाद के लोग इमाम हुसैन (अ) का सर शाम ले जाते समय एक ईसाई साधु के पास पहुँचे। आराम करने के दौरान उन्होंने इमाम का सर एक संदूक में रखकर उस साधु के पास रखा और उसने उसमें से एक प्रकाश देखा।[४०]

सर को कहाँ दफ़्न किया गया

इमाम हुसैन (अ) के सर को कहाँ दफ़्न किया गया, इसके बारे में शिया और सुन्नी स्रोतों में अलग-अलग वर्णन मिलते हैं। कर्बला,[४१] नजफ़,[४२] मदीना,[४३] दमिश्क़,[४४] कूफ़ा,[४५] रक़्क़ा,[४६] अस्क़लान,[४७] क़ाहिरा,[४८] और मर्व,[४९] उन स्थानों में शामिल हैं जिन्हें स्रोतों में इमाम के सर की दफ़्न-स्थली बताया गया है।[५०] इन वर्णनों में सर को कर्बला में 61 हिजरी के अरबईन के अवसर पर इमाम के शरीर से मिला देने का वर्णन अधिक प्रसिद्ध है।[५१]

फ़ुटनोट

  1. ↑ तबरी, तारीख़ुल उमम वल-मुलूक, खंड 5, पृष्ठ 453।
  2. ↑ शेख़ मुफ़ीद, अल-इरशाद, खंड 2, पृष्ठ 113-114; इब्ने ताऊस, अल-लोहूफ़, पृष्ठ 189।
  3. ↑ शेख़ सदूक़, उयून अख़बार अर-रज़ा (अ), खंड 2, पृष्ठ 22।
  4. ↑ शेख़ मुफ़ीद, अल-इरशाद, खंड 2, पृष्ठ 117।
  5. ↑ मुहम्मदी रय शहरी, शहादतनामा-ए इमाम हुसैन (अ)..., पृष्ठ 726-728।
  6. ↑ इब्ने अब्दुलबर्र, अल-इस्तीआब, खंड 3, पृष्ठ 258।
  7. ↑ इब्ने सअद, अत-तबक़ातुल कुबरा, खंड 10, पृष्ठ 483।
  8. ↑ शम्सुद्दीन, अंसारुल हुसैन, पृष्ठ 228-229।
  9. ↑ बलाज़ुरी, अंसाबुल अशराफ़, खंड 3, पृष्ठ 203; तबरी, तारीख़ुल उमम वल-मुलूक, खंड 5, पृष्ठ 452-453; इब्ने कसीर, अल-बिदाया वन-निहाया, खंड 8, पृष्ठ 187-189।
  10. ↑ मुफ़ीद, अल-इरशाद, खंड 2, पृष्ठ 112; तबरसी, आलामुल-वरा, खंड 1, पृष्ठ 469।
  11. ↑ तबरी, तारीख़ुल उमम वल-मुलूक, खंड 5, पृष्ठ 453; इब्ने सअद, अत-तबक़ातुल कुबरा, खंड 10, पृष्ठ 473-474; मसऊदी, मुरूजुज़-ज़हब, खंड 3, पृष्ठ 61।
  12. ↑ मुफ़ीद, अल-इरशाद, खंड 2, पृष्ठ 112; तबरी, तारीख़ुल उमम वल-मुलूक, खंड 5, पृष्ठ 453; इब्ने सअद, अत-तबक़ातुल कुबरा, खंड 10, पृष्ठ 473-474।
  13. ↑ ख़्वारज़मी, मक़्तलुल हुसैन, खंड 2, पृष्ठ 41-42।
  14. ↑ मजलिसी, बिहारुल अनवार, खंड 45, पृष्ठ 60 और पृष्ठ 174।
  15. ↑ सय्यद इब्ने ताऊस, अल-मल्हूफ़ अला क़तलतुत-तुफ़ूफ़, पृष्ठ 181।
  16. ↑ इब्ने शहरआशूब, अल-मनाक़िब, खंड 4, पृष्ठ 113।
  17. ↑ मजलिसी, बिहारुल अनवार, खंड 101, पृष्ठ 319।
  18. ↑ अबी मिख़नफ़, वक़अतुत-तफ़्फ़, पृष्ठ 258; बलाज़ुरी, अंसाबुल अशराफ़, खंड 3, पृष्ठ 206; तबरी, तारीख़ुल उमम वल-मुलूक, खंड 5, पृष्ठ 455।
  19. ↑ शेख़ मुफ़ीद, अल-इरशाद, खंड 2, पृष्ठ 117-118; अबी मिख़नफ़, वक़अतुत-तफ़्फ़, पृष्ठ 264।
  20. ↑ शेख़ मुफ़ीद, अल-इरशाद, खंड 2, पृष्ठ 118।
  21. ↑ बैज़ून, मूसूआ-ए कर्बला, खंड 2, पृष्ठ 334-338।
  22. ↑ हुसैनी जलाली, मज़ारात अहलुल बैत व तारीख़ुहा, पृष्ठ 236।
  23. ↑ हुसैनी जलाली, मज़ारात अहलुल बैत व तारीख़ुहा, पृष्ठ 270।
  24. ↑ हुसैनी जलाली, मज़ारात अहलुल बैत व तारीख़ुहा, पृष्ठ 236।
  25. ↑ हुसैनी जलाली, मज़ारात अहलुल बैत व तारीख़ुहा, पृष्ठ 223।
  26. ↑ तूसी, अल-अमाली, पृष्ठ 682; मजलिसी, बिहारुल अनवार, खंड 97, पृष्ठ 454।
  27. ↑ Petersen, Bones of Contention: Muslim Shrines in Palestine, p108-110; पृष्ठ 108-110; क़ज़वीनी, आसारुल बिलाद व अख़बारुल इबाद, पृष्ठ 222।
  28. ↑ हुसैनी जलाली, मज़ारात अहलुल बैत व तारीख़ुहा, पृष्ठ 272।
  29. ↑ शेख़ सदूक़, अल-अमाली, पृष्ठ 165।
  30. ↑ तबरी, तारीख़ुत-तबरी, खंड 5, पृष्ठ 393।
  31. ↑ बलाज़ुरी, अंसाबुल अशराफ़, खंड 3, पृष्ठ 226।
  32. ↑ इब्ने जौज़ी, तज़किरतुल ख़वास, खंड 2, पृष्ठ 189-190।
  33. ↑ शेख़ सदूक़, उयून अख़बार अर-रज़ा (अ), खंड 2, पृष्ठ 22।
  34. ↑ इब्ने ताऊस, अल-लोहूफ़, पृष्ठ 214।
  35. ↑ ख़्वारज़मी, मक़्तलुल हुसैन (अ), खंड 2, पृष्ठ 81।
  36. ↑ ज़हबी, तारीख़ुल इस्लाम, खंड 5, पृष्ठ 107।
  37. ↑ शेख़ मुफ़ीद, अल-इरशाद, खंड 2, पृष्ठ 117।
  38. ↑ तबरी आमुली, नवादिरुल-मुअजिज़ात, पृष्ठ 246।
  39. ↑ ख़्वारज़मी, मक़्तलुल हुसैन (अ), खंड 2, पृष्ठ 114; तबरी, तारीख़ुल उमम वल-मुलूक, खंड 5, पृष्ठ 455।
  40. ↑ रावंदी, अल-ख़राइज वल-जरा'इह, खंड 2, पृष्ठ 578-579।
  41. ↑ क़ाज़ी तबातबाई, तहक़ीक़ दरबारा-ए अव्वलीन अरबईन हज़रत सय्यदुश-शोहदा (अ), पृष्ठ 165; मुहम्मदी रय शहरी, शहादतनामा-ए इमाम हुसैन (अ)..., पृष्ठ 727; इतिहास के शोधकर्ताओं का समूह, तारीख़-ए क़ियाम व मक़्तल-ए जामेअ सय्यदुश-शोहदा, खंड 2, पृष्ठ 574-578 और 587-589।
  42. ↑ कुलैनी, अल-काफ़ी, खंड 4, पृष्ठ 571-572; इब्ने क़ूलवैह, कामिलुज़-ज़ियारात, पृष्ठ 35-36।
  43. ↑ नुवैरी, निहायतुल-अरब, खंड 20, पृष्ठ 480।
  44. ↑ ज़हबी, तारीख़ुल इस्लाम, खंड 5, पृष्ठ 107; ख़्वारज़मी, मक़्तलुल हुसैन, खंड 2, पृष्ठ 83।
  45. ↑ सिब्ते इब्ने जौज़ी, तज़किरतुल ख़वास, खंड 1, पृष्ठ 191-192।
  46. ↑ सिब्ते इब्ने जौज़ी, तज़किरतुल ख़वास, खंड 2, पृष्ठ 208।
  47. ↑ Petersen, Bones of Contention: Muslim Shrines in Palestine, p108-110; पृष्ठ 108-110; उमरानी, अल-अनबा फ़ी तारीख़िल ख़ुलफ़ा, पृष्ठ 54; क़ज़वीनी, आसारुल बिलाद व अख़बारुल इबाद, पृष्ठ 222।
  48. ↑ इब्ने अब्दुज़-ज़ाहिर, अर-रौज़तुल बहिय्यतुल ज़ाहिरा, पृष्ठ 30।
  49. ↑ नुवैरी, निहायतुल-अरब, खंड 20, पृष्ठ 477।
  50. ↑ मुहम्मदी रय शहरी, शहादतनामा-ए इमाम हुसैन (अ)..., पृष्ठ 726-728।
  51. ↑ क़ाज़ी तबातबाई, तहक़ीक़ दरबारा-ए अव्वलीन अरबईन हज़रत सय्यदुश-शोहदा (अ), पृष्ठ 165; मुहम्मदी रय शहरी, शहादतनामा-ए इमाम हुसैन (अ)..., पृष्ठ 727।

स्रोत

  • सय्यद बिन ताऊस, अली बिन मूसा, अल-मल्हूफ़ अला क़तलतित-तुफ़ूफ़, शोधकर्ता: फ़ारिस तबरीज़ियान, क़ुम, दारुल-उस्वा मुद्रण एवं प्रकाशन संस्थान, 1417 हिजरी।
  • Petersen, Andrew, Bones of Contention: Muslim Shrines in Palestine, Springer, Singapore, 2017। (पीटर्सन, एंड्रयू, बोन्स ऑफ़ कंटेंशन: फ़िलिस्तीन में मुस्लिम मज़ार, स्प्रिंगर, सिंगापुर, 2017 ईस्वी।)
  • अबू मिख़नफ़ कूफ़ी, लूत बिन यह्या, वक़अतुत-तफ़, शोधकर्ता: मुहम्मद हादी यूसुफ़ी ग़रवी, क़ुम, जामेआ मुदर्रेसीन प्रकाशन, तीसरा संस्करण, 1367 शम्सी।
  • इतिहास शोधकर्ताओं का एक समूह, तारीख़े क़ियाम व मक़्तले जामे सय्यदुश-शोहदा, मेहदी पेशवाई की देखरेख में, क़ुम, इमाम ख़ुमैनी शैक्षिक एवं शोध संस्थान प्रकाशन, ग्यारहवाँ संस्करण, 1395 शम्सी।
  • इब्ने अब्दुल ज़ाहिर, अब्दुल्लाह, अर-रौज़तुल बहिय्यतुल ज़ाहिरा फ़ी ख़िततिल मुअर्रिबतिल क़ाहिरा, मिस्र (क़ाहिरा), अरबी पुस्तकालय प्रकाशन, 1417 हिजरी।
  • इब्ने अब्दुल बर्र, यूसुफ़ बिन अब्दुल्लाह, अल-इस्तीआब फ़ी मअरिफ़तिल असहाब, बेरूत, दारुल-कुतुब अल-इल्मिय्या प्रकाशन, 1422 हिजरी।
  • इब्ने कसीर, इस्माईल बिन उमर, अल-बिदाया वन-निहाया, बेरूत, दारुल-फ़िक्र प्रकाशन, 1407 हिजरी।
  • इब्ने क़ूलवैह, जाफ़र बिन मुहम्मद, कामिलुज़-ज़ियारात, सुधारक: अब्दुल हुसैन अमीनी, नजफ़, दारुल-मुर्तज़विय्या प्रकाशन, 1356 हिजरी।
  • इब्ने जौज़ी, यूसुफ़ बिन क़ज़ाओग़ली, तज़किरतुल ख़वास मिनल उम्मति बि-ज़िक्रि ख़साइसिल अइम्मा, क़ुम, अहले बैत की विश्व संस्था प्रकाशन, 1426 हिजरी।
  • इब्ने ताऊस, अली बिन मूसा, अल लोहूफ़ अला क़त्ल अल तफ़ूफ़, तेहरान, नशर जहान, 1348 शम्सी।
  • इब्ने शहर आशूब, मुहम्मद बिन अली, मनाक़िबे आले अबी तालिब, शोधकर्ता: मुहम्मद हुसैन आश्तियानी और हाशिम रसूली महल्लाती, क़ुम, अल्लामा प्रकाशन, 1379 हिजरी।
  • इब्ने सअद, मुहम्मद बिन सअद, अत-तबक़ातुल कुबरा, शोध: मुहम्मद अब्दुल क़ादिर अता, बेरूत, दारुल-कुतुब अल-इल्मिय्या प्रकाशन, 1410 हिजरी।
  • क़ज़वीनी, ज़करिया बिन मुहम्मद, आसारुल बिलाद व अख़बारुल इबाद, बेरूत, दार सादिर प्रकाशन, 1998 ईस्वी।
  • क़ाज़ी तबातबाई, मुहम्मद अली, तहक़ीक़ दरबारा-ए अव्वलीन अरबईन हज़रत सय्यदुश-शोहदा (अ), तेहरान, फ़रहंग व इरशादे इस्लामी मंत्रालय का मुद्रण एवं प्रकाशन संगठन, 1383 शम्सी।
  • कुलैनी, मुहम्मद बिन याक़ूब, अल-काफ़ी, तेहरान, इस्लामी पुस्तकों का प्रकाशन संस्थान, 1407 हिजरी।
  • ख़्वारज़मी, मुवफ़्फ़क़ बिन अहमद, मक़्तलुल हुसैन, क़ुम, अनवारुल हुदा प्रकाशन, 1423 हिजरी।
  • ज़हबी, शम्सुद्दीन, तारीख़ुल इस्लाम व वफ़यातुल मशाहीर वल-आलाम, बेरूत, दारुल-किताब अल-अरबी प्रकाशन, 1409 हिजरी।
  • तबरसी, आलामुल वरा बि-आलामिल हुदा, क़ुम, आले अल बैत ले-इहयाइत-तोरास प्रकाशन संस्थान, 1417 हिजरी।
  • तबरी आमुली, मुहम्मद बिन जरीर, नवादिरुल मुअजिज़ात फ़ी मनाक़िबिल अइम्मतिल हुदात, क़ुम, दलीले मा प्रकाशन, 1385 शम्सी।
  • तबरी, मुहम्मद बिन जरीर, तारीख़ुल उमम वल-मुलूक (तारीख़ुत-तबरी), शोध: मुहम्मद अबुल फ़ज़्ल इब्राहीम, बेरूत, दारुत-तुरास प्रकाशन, 1967 ईस्वी।
  • तूसी, मुहम्मद बिन हसन, अल-अमाली, क़ुम, दारुस्सक़ाफ़ा प्रकाशन, 1414 हिजरी।
  • नुवैरी, अहमद बिन अब्दुल वहाब, निहायतुल अरब फ़ी फ़ुनूनिल अदब, मिस्र (क़ाहिरा), अल सक़ाफ़ा व अल इरशाद अल क़ौमी मंत्रालय, अल मिस्रिया अल आम्मा संस्था, प्रकाशित तारीख़ उपलब्ध नहीं।
  • बलाज़ुरी, अहमद बिन यह्या, अंसाबुल अशराफ़, शोध: सुहैल ज़कार और रियाज़ अज़-ज़रकली, बेरूत, दारुल-फ़िक्र प्रकाशन, 1417 हिजरी।
  • बैज़ून, लबीब, मूसूआ ए कर्बला, बेरूत, आलमी प्रकाशन संस्थान, प्रकाशित तारीख़ उपलब्ध नहीं।
  • मजलिसी, मुहम्मद बाक़िर, बिहारुल अनवार, बेरूत, मुअस्ससतुल वफ़ा प्रकाशन, 1403 हिजरी।
  • मसऊदी, अली बिन हुसैन, मुरूजुज़-ज़हब व मआदीनुल जौहर, शोध: असअद दाग़िर, क़ुम, दारुल-हिजरा प्रकाशन, 1409 हिजरी।
  • मुफ़ीद, मुहम्मद बिन मुहम्मद, अल-इरशाद फ़ी मअरिफ़ति हुजजिल्लाह अलल-इबाद, क़ुम, शेख़ मुफ़ीद विश्व कांग्रेस प्रकाशन, 1413 हिजरी।
  • मुहम्मदी रयशहरी, मुहम्मद, शहादतनामा-ए इमाम हुसैन, विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर, दानिशनामा-ए इमाम हुसैन (अ) से लिया गया, क़ुम, दारुल हदीस संस्थान प्रकाशन, 1390 शम्सी।
  • रावंदी, सईद बिन हिबतुल्लाह, अल-ख़राइज वल-जरा'इह, क़ुम, इमाम महदी (अ) प्रकाशन संस्थान, 1409 हिजरी।
  • शम्सुद्दीन, मुहम्मद महदी, अंसारुल हुसैन, बेरूत, दारुल-इस्लामिय्या प्रकाशन, प्रकाशित तारीख़ उपलब्ध नहीं।
  • शेख़ सदूक़, मुहम्मद बिन अली, अल-अमाली, तेहरान, किताबची प्रकाशन, छठा संस्करण, 1376 शम्सी।
  • शेख़ सदूक़, मुहम्मद बिन अली, उयून अख़बार अर-रज़ा (अ), तेहरान, जहान प्रकाशन, 1378 हिजरी।
  • हुसैनी जलाली, मुहम्मद हुसैन, मज़ारातो अहलिल बैत व तारीख़ुहा, बेरूत, आलमी प्रकाशन केंद्र, 1415 हिजरी।