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जेहादुल मरअते हुस्नुत तबअउल

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जेहादुल मरअते हुस्नुत तबअउल
विषयपतित्व
किस से नक़्ल हुईपैग़म्बर मुहम्मद (स) और शियो के इमाम
शिया स्रोतअलकाफ़ी और मन ला यहज़रुल फ़क़ीह
सुन्नी स्रोतअल-दुर्र अल-मंसूर और मआनी अल-अख़बार
प्रसिद्ध हदीसें
हदीस सिलसिला अल ज़हब • हदीस सक़लैन • हदीसे किसा • मक़बूला ए उमर बिन हंज़ला • हदीसे क़ुर्बे नवाफ़िल • हदीसे मेराज • हदीसे वेलायत • हदीसे वेसायत

जेहादुल मरअते हुस्नुत तबअउल (अनुवाद: महिलाओं का जिहाद, पती का ख्याल करना है) पैग़म्बर (स) और इमामों की हुस्नुत तबअउल (पती के साथ अच्छी तरह से पेश आना) के बारे में एक रिवायत है।

पति के साथ अच्छा व्यवहार करने को आत्मा के साथ जेहाद (जिहाद बा नफ़्स) की एक शाखा माना गया है[१] और यह कहा गया है कि इसका सवाब ईश्वर के मार्ग में एक मुजाहिद (जेहाद करने वाले) के सवाब के बराबर है।[२] इस्लाम में, महिलाओं को जेहाद, न्याय और सरकार जैसे कुछ मामलों से छूट दी गई है, और इन मामलों के लिए सवाब पतित्व, घरेलू प्रबंधन और बच्चों का पालन-पोषण जैसे कर्तव्यों के माध्यम से प्रदान किए जाते हैं।[३]

हुस्न अल-तबअ्अुल के उदाहरणों में अपने पति के साथ अच्छा व्यवहार करना, उनके धन और सम्मान की रक्षा करना, वैध मामलों में उनकी आज्ञा का पालन करना,[४] अनुचित ईर्ष्या और असहमति से बचना,[५] अपने पति के लिये मेक-अप करना और घर में शांतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण माहौल बनाना शामिल है।[६] हालाँकि, ऐसे मामलों में जहाँ पति अनुचित व्यवहार करता है, पत्नी को अपना बचाव करने का अधिकार है।[७]

यह हदीसें शिया स्रोतों जैसे कि जाफ़रियात की किताब में पैग़म्बर (स),[८] नहजुल अल-बलाग़ा में इमाम अली (अ) से,[९] किताब मन ला यहज़रोहु अल-फ़क़ीह में, इमाम जाफ़र सादिक़ (अ)[१०] और किताब अल-काफ़ी में इमाम मूसा काज़िम (अ) से वर्णित है।[११] इसी तरह से इसे पैग़म्बर (स) से सुन्नी स्रोतों जैसे किताब अल-दुर्र अल-मंसूर और मआनी अल-अख़बार में भी वर्णित किया गया है।[१२]

कुछ विद्वानों ने इस हदीस की संचरण श्रृंखला (सनद) को कमज़ोर (ज़ईफ़) माना है और इसकी सामग्री की आलोचना की है।[१३] दूसरी ओर, अन्य लोग इसे अन्य रिवायतों, जिसमें इमाम अली (अ) की एक रिवायत भी शामिल है जिसमें एक महिला के जिहाद को अपने पति के दुर्व्यवहार के सामने धैर्य रखना माना गया हैं,[१४] के अनुरूप मानते हैं।[१५]

फ़ुटनोट

  1. ↑ हुसैनी ख़ामेनेई, “अदमे तफ़ावुते ज़न व मर्द दर तक़र्रुब बे ख़ुदावंद (अल्लाह से तक़र्रुब हासिल करने में पुरुषों और महिलाओं के बीच कोई अंतर नहीं),” ईरान के सुप्रीम लीडर की वेबसाइट।
  2. ↑ सब्ज़ेवारी, मवाहिब अल-रहमान, 1414 हिजरी, खंड 8, पेज 177।
  3. ↑ तबातबाई, अल-मिज़ान, 1352 शम्सी, खंड 4, पेज 350।
  4. ↑ इब्न अबी अल-हदीद, शरह नहजुल-बलाग़ा, 1404 हिजरी, खंड 18, पेज 332।
  5. ↑ इब्न अबी अल-हदीद, शरह नहजुल-बलाग़ा, 1404 हिजरी, खंड 18, पेज 332।
  6. ↑ मिस्बाह यज़्दी, दर जुस्तजूए इरफ़ान ए इस्लामी, 1401 हिजरी, खंड 1, पेज 153।
  7. ↑ सब्ज़ेवारी, मवाहिब अल-रहमान, 1414 हिजरी, खंड 8, पेज 177।
  8. ↑ इब्न अश’अस, जा’फ़रियात, अप्रकाशित तारीख, पेज 67।
  9. ↑ नहजुल-बलाग़ा, संशोधन सुबही सालेह, हिकमत 136, पेज 494।
  10. ↑ सदुक़, मन ला यहज़ोरोहु अल-फ़कीह, 1413 हिजरी, खंड 4, पेज 416।
  11. ↑ कुलैनी, अल-काफ़ी, 1407 हिजरी, खंड 5, पेज 507।
  12. ↑ सुयूती, अल-दुर्र अल-मंसूर, 1404 हिजरी, खंड 6, पेज 234। और कलाबादी, बहर अल-फ़वायद अल-मशूर बे-मआनी अल-अख़बार, 1420 हिजरी, पेज 159।
  13. ↑ रैआन, "ऐतेबार संजी हिकमते 136 बा तमरकुज़ बर इबारात, जिहादुल मरआ, हुस्नुत तबअ्उल", पेज 5-14।
  14. ↑ कुलैनी, अल-काफ़ी, 1407 हिजरी, खंड 5, पेज 9।
  15. ↑ हुसैनियन क़ुमी, फ़स्लनाम ए उलूम ए हदीस, नंबर 5।

स्रोत

  • इब्न अबी अल-हदीद, अब्दुल-हमीद इब्न हिबतुल्लाह, शरह नहजुल-बलाग़ा, मुहम्मद अबू अल-फ़ज़्ल इब्राहिम द्वारा संशोधन, क़ुम, आयतुल्लाह-मरअशी नजफ़ी का पुस्तकालय, पहला संस्करण, 1404 हिजरी।
  • इब्न अश'अस, मुहम्मद इब्न मुहम्मद, जा'फरियात (अशअसियात), तेहरान, मकतबा-नैनवा अल-हदीसा, पहला संस्करण, अप्रकाशित तारीख।
  • कलाबाज़ी, मुहम्मद इब्न इब्राहिम, बहर अल-फ़वायद अल-मशहूर बे-मानी अल-अख़बार, अहमद फ़रीद द्वारा शोध किया गया, बेरूत, दार अल-कुतुब अल-इल्मिया, पहला संस्करण, 1420 हिजरी।
  • कुलैनी, मुहम्मद इब्न याकूब, अल-काफी, अली अकबर गफ्फारी और मुहम्मद अखुंदी द्वारा संशोधन, तेहरान, दार अल-कुतुब अल-इस्लामिया, चौथा संस्करण, 1407 हिजरी।
  • तबातबाई, सय्यद मुहम्मद हुसैन, अल-मिज़ान फ़ी तफ़लीर अल-कुरआन, लेबनान, अल-आलमी प्रकाशन, तीसरा संस्करण, 1352 शम्सी।
  • मिस्बाह यज़दी, मुहम्मद तकी, दर जुस्तजूए इरफ़ाने इस्लामी, मुहम्मद महदी नादेरी क़ुमी द्वारा जमा और लिखा गया, क़ुम, इमाम खुमैनी शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थान, आठवां संस्करण, 1401 शम्सी।
  • रैयान, मासूमा, “ऐतेबार संजी हिकमते 136 बा तमरकुज़ बर इबारात, जिहादुल मरआ, हुस्न अल-तबअ्अुल”, नहज अल-बलागा शोध पत्रिका, वर्ष 9, अंक 36, 1400 शम्सी।
  • शरीफ़ रज़ी, मुहम्मद इब्न हुसैन, नहजुल-बलाग़ा, सुबही सालेह द्वारा संशोधन, क़ुम, हिजरत, पहला संस्करण, 1414 हिजरी।
  • सदूक़, मुहम्मद इब्न अली, मन ला यहज़ोरोहु अल-फ़कीह, अली अकबर गफ्फारी द्वारा संशोधन, क़ुम, इस्लामी प्रकाशन कार्यालय, दूसरा संस्करण, 1413 हिजरी।
  • सब्ज़वारी, अब्दुल-अली इब्न अली रज़ा, मवाहिब अल-रहमान फ़ी तफ़सीर अल-कुरआन, क़ुम, हज़रत आयतुल्लाह उल-उज़्मा सय्यद अल-सब्ज़वारी का कार्यालय, तीसरा संस्करण, 1414 हिजरी।
  • सुयूती, जलाल अल-दीन अब्दुल-रहमान, अल-दुर्र अल-मंसूर, क़ुम, आयतुल्लाह मरअशी नजफी का पुस्तकालय, पहला संस्करण, 1404 हिजरी।
  • हुसैनियान क़ोमी, महदी, فصلنامه علوم حدیث، شماره ۵, (हदीस विज्ञान त्रैमासिक, अंक 5)।
  • हुसैनी ख़ामेनेई, सैय्यद अली, “«عدم تفاوت زن و مرد در تقرّب به خداوند» (ईश्वर से निकटता में स्त्री और पुरुष में कोई अंतर नहीं है।)”, सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनेई वेबसाइट, प्रविष्ट की तारीख: 14 जनवरी 2011, देखे जाने की तारीख: 6 जनवरी 2026 ई।