फ़ातेमा बिन्ते सय्यद बिन ताऊस

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फ़ातिमा सय्यद बिन ताऊस की बेटी उन महिलाओं में से एक हैं जिन्हें शिया हदीस बयान करने की अनुमति (प्रमाण) थी।

फ़ातिमा सय्यद बिन ताऊस और ज़हरा खातून (मंत्री नासिर बिन महदी की बेटी) की बेटी हैं। उनकी बहन शरफ़ अल-अशराफ़ हैं और उनके भाई मुहम्मद और अली हैं।

सैय्यद इब्ने ताऊस के कथन के अनुसार, फ़ातिमा ने नौ साल की उम्र से पहले क़ुरआन को याद (हिफ़्ज़) कर लिया था। [१] उनके पिता ने उन्हे और उनके भाई-बहनों को शेख़ तूसी की किताब अल अमाली की हदीस बयान करने की अनुमति दी थी और उन्होने किताब साद अल-सऊद में लिखा है कि उन्होंने उनके लिए एक क़ुरआन समर्पित (वक़्फ़) किया था। [२]

फ़ुटनोट

  1. देखें: सैय्यद इब्न तावुस, साद अल-सऊद लिल नुफ़ूस मंज़ूद, दार अल-ज़ख़ायर लिल-मतबूआत, पृष्ठ 27।
  2. देखें: सैय्यद इब्न तावुस, साद अल-सऊद लिल नुफ़ूस मंज़ूद, दार अल-ज़ख़ायर लिल-मतबूआत, पृष्ठ 27; ग़रवी नायिनी, मुहद्देसाने शिया, 2006, पृष्ठ 285, रियाज़ उलमा द्वारा उद्धृत, खंड 5।

स्रोत

  • सैय्यद बिन तावुस, अली बिन मूसा, साद अल-सऊद लिल नुफ़ूस मंज़ूद, क़ुम, दार अल-ज़ख़ायर लिल-मतबूआत, बी टा (नूर डिजिटल लाइब्रेरी संस्करण)
  • ग़रवी नायिनी, नहला, मुहद्देसाने शिया, तरबियत मुदर्रेस यूनिवर्सिटी, तेहरान, दूसरा संस्करण, 2006।